➤ अष्टमी पर ज्वालादेवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
➤ दिव्य ज्योति लेकर लौटे श्रद्धालु, जागरण और पूजा का विशेष महत्व
➤ कन्या पूजन, हवन-यज्ञ और लंगर से भक्ति में डूबा पूरा क्षेत्र
चैत्र नवरात्र की अष्टमी के पावन अवसर पर हिमाचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और हजारों की संख्या में भक्त मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में “जय मां ज्वाला” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा और हर ओर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा दृश्य नजर आया।
अष्टमी के दिन विशेष महत्व रखते हुए श्रद्धालु अपने साथ मां की दिव्य ज्योति लेकर घरों की ओर लौटते दिखाई दिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस ज्योति को घर ले जाकर पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि आती है और मां का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी विश्वास के चलते दूर-दूर से आए भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ इस परंपरा का निर्वहन करते नजर आए।
मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों की भरमार रही। श्रद्धालुओं द्वारा बच्चों के मुंडन संस्कार भी करवाए गए, जबकि कन्या पूजन का आयोजन बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ किया गया। छोटी-छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई और उन्हें प्रसाद व उपहार दिए गए। इसके साथ ही मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर लंगर लगाए गए, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
नवरात्र के इस विशेष दिन पर भक्तों ने हवन-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन करवाया। दिनभर मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा और पूरा वातावरण भक्ति में सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया और कर्मचारियों की ड्यूटी अलग-अलग शिफ्टों में लगाई गई, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल के अनुसार श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वहीं पुजारी कपिल मुनि ने बताया कि अष्टमी के दिन मां ज्वाला के दर्शनों के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और कन्या पूजन, हवन तथा विशेष पूजा-अर्चना के माध्यम से मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।



